हमला करने आए आतंकियों से अकेला भिड़ गया BSF जवान…खुद शहीद होकर बचा ली 44 जवानों की जान - BHARAT NEWS LIVE 24

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Tuesday, 14 May 2019

हमला करने आए आतंकियों से अकेला भिड़ गया BSF जवान…खुद शहीद होकर बचा ली 44 जवानों की जान

*हमला करने आए आतंकियों से अकेला भिड़ गया BSF जवान…खुद शहीद होकर बचा ली 44 जवानों की जान

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हमला करने आए आतंकियों से अकेला भिड़ गया BSF जवान…खुद शहीद होकर बचा ली 44 जवानों की जान

आज हम आपको BSF के उस जवान की कहानी बताएंगे जो आतंकियों से अकेला ही भिड़ गया। खुद शहीद होकर उसने पूरी बटालियन की जान बचा ली। ये कहानी है BSF जवान रॉकी की। अगस्त 2015 में सीमा सुरक्षा बल (BSF) जवानों के एक काफिले पर भारी ह’थियारों से लैस दो आ’तंकवदियों द्वारा हमला किये जाने के बाद BSF के जांबाज जवान रॉकी ने 40 गो’लियों से भरी पूरी मैगजीन खाली कर दी और अन्य 44 निहत्थे जवानों की जान बचाने के लिए अपनी जान की कुबार्नी दे दी

अन्य सैन्य बलों के पहुंचने तक 25 वर्षीय बहादुर BSF जवान आ’तंकियों से लड़ता रहा। अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी 20 मिनट बाद ही मौके पर पहुंच सके। BSF अधिकारियों ने बताया कि रॉकी ने आ’तंकियों को उलझाये रखा और बीएसएफ जवानों से भरी बस पर आ’तंकियों को ग्रेनेड से ह’मला नहीं करने दिया। एक आ’तंकवादी मौके पर ही मा’रा गया जबकि एक अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया। रॉकी के साथी और बस चालक शुभेंदु रॉय भी इस हमले के दौरान शहीद हो गए। आ’तंकवादियों ने बस के टायर पर गो’ली मा’रकर उसे पंक्चर कर दिया था जिससे बस आगे नहीं बढ़ सकी। शीर्ष बीएसएफ अधिकारियों ने जवान के साहस की तारीफ की।


हरियाणा के यमुनानगर जिले के रामगढ़ माजरा गांव में बीएसएफ काफिले पर आ’तंकी हमले की खबर पहुंचने के बाद से ही जीवन ठहर सा गया। जांबाज जवान के पिता प्रितपाल ने कहा कि उनका बेटा दो सप्ताह पहले तक उनके साथ था। प्रितपाल ने बताया कि उन्हें इस बात का तनिक भी अहसास नहीं था कि ऐसा होगा। उन्होंने साथ ही कहा मेरा गांव और पूरा देश गौरवांवित है कि मेरे बेटे ने राष्ट्र के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया



*संवाददाता राजीव तिवारी सीधी भारत न्यूज़ लाइव  24 हर खबर आप तक*




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