श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करने से मनुष्य को होती है परमानन्द की प्राप्ति : ज्योति - BHARAT NEWS LIVE 24

Breaking

Sunday, 26 May 2019

श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करने से मनुष्य को होती है परमानन्द की प्राप्ति : ज्योति

श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करने से मनुष्य को होती है परमानन्द की प्राप्ति : ज्योति



दिनारा क्षैत्र के कुचलौन में  बलखडेश्वर मंदिर पर चल रही रामकथा के छटवे दिन ज्योति शास्त्री ने कहा कि राम शब्द की व्याख्या अनंत है। अयोध्या में राजा दशरथ के यहां राम राज्याभिषेक की तैयारियां चल रही थी। हर कोई राम राज्य की परिकल्पना से हर्षित था लेकिन कोई दुखी था तो वह थी केकैई। उसे लगा कि उसका पुत्र भरत को राज्य नहीं मिल पायेगा, इसलिए उसने एक षड्यंत्र रचकर राम को बारह वर्ष का वनवास और भरत को राज्य सिंहासन का वरदान राजा दशरथ से पा लिया। उन्होंने कहा कि संसार में आए हुए व्यक्ति अगर निष्काम भाव से भगवान की भक्ति करें तो उनकी जीवन नैया सफलता से भवसागर के पार लग सकती है। जैसे प्रभु श्रीराम की कृपा से निषादराज केवट ने अपनी निष्काम भक्ति से प्रभु श्रीराम को नाव में बिठाकर गंगा के पार किया और स्वयं की जीवन रूपी नैया को भवसागर के पार लगा लिया। उन्होंने केवट संवाद के माध्यम से प्रभु श्रीराम की निष्काम भक्ति से अवगत कराया। महाराज ने कहा कि राजा वही जो आपदा की स्थिति में प्रजा की पीड़ा को समझकर उसका निदान करें। कथा में श्रोताओं के समक्ष प्रभु श्रीराम के भजनों की प्रस्तुति मधुर संगीत के साथ दी। उन्होंने कहा कि घर-परिवार छोड़कर वन में चले जाना ही वैराग्य नहीं होता, अपने अंतःकरण की शुद्धता इसमें नितांत आवश्यक रामचरितमानस में कहा गया है जितना हो स्थिरता पूर्वक कार्य करो, जिसके तन-मन व घर-परिवार में शांति है वहीं ईश्वर है। कथा में आस पास के  भक्तों ने भाग लिया।


*दिनारा से रानू राजपूत की रिपोर्ट*




Editor prajapati

No comments:

Post a Comment