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Saturday, 18 May 2019

एक वर्ष से सामाजिक बहिष्कार का दंश झेल रहे पीड़ित परिवार ने थाने पहुंचकर की 43 नामजद लोगों के खिलाफ शिकायत

 

एक वर्ष से  सामाजिक बहिष्कार  का दंश झेल रहे पीड़ित परिवार  ने  थाने  पहुंचकर  की 43 नामजद  लोगों के खिलाफ शिकायत 


डिंडोरी जिले की 1 ग्राम पंचायत में विगत 1 वर्ष से समाज के ठेकेदारों ने एक परिवार का हुका पानी बंद कर दिया है जिससे परिवार विगत वर्ष से जूझ रहा है गांव का कोई भी सदस्य परिवार के किसी भी व्यक्ति से बात नहीं करता सभी ग्रामवासियों को हुक्मरानों ने अपना आदेश सुना दिया है की परिवार के किसी भी सदस्य से गांव का कोई भी सदस्य अगर बातचीत करता है या फिर अपने परिवारिक कार्य में आमंत्रित करता है तो उसका भी समाज से हुका पानी बंद कर दिया जाएगा वही पीड़ित उजीन लाल नागेश के परिवार को हर दिन अनेकों समस्याओं से जूझना पड़ रहा है पीड़ित परिवार की महिला गायत्री बाई नागेश पूर्व में सांझा चूल्हा माध्यमिक शाला नए गांव में चलाती थी जहां सभी ग्रामीणों ने एक राय होकर दबाव बनाया की अगर गायत्री बाई नागेश सांझा चूल्हा मध्यान भोजन में कार्यरत रहेगी तो स्कूल में पढ़ने वाले सभी बच्चे उसके हाथ से बना हुआ खाना नहीं खाएंगे जो भी उसके हाथ का बना हुआ खाना अगर खाता है तो उसके परिवार को भी समाज से बहिष्कृत कर दिया जाएगा समाज के ठेकेदारों के द्वारा सुनाएं गए फरमान का पालन ग्रामीण मजबूरी बस करने को मजबूर हैं वही पीड़ित परिवार के द्वारा डिंडोरी कोतवाली पहुंचकर समाज के ठेकेदारों के खिलाफ शिकायत भी की है


मामला

विगत वर्ष अजय नागेश की पुत्री आरती नागेश 4 वर्ष की मृत्यु सात दो 2018 को कुएं में डूबने से हुई थी मासूम की हत्या की आशंका ग्रामीणों सहित मृतक बच्ची के परिजनों ने जाहिर की थी जिस पर  पुलिस ने मामले को  अपने  संज्ञान  मैं लेकर  जांच शुरू  कर देते  4 वर्षीय मासूम  का पीएम  जिला चिकित्सालय  मैं पदस्थ  डॉक्टर  के द्वारा  किया गया था  जिसकी पीएम रिपोर्ट  में उल्लेख किया गया कि  4 वर्षीय मासूम  की मौत  कुएं में डूबने  के कारण हुई है  लेकिन  ग्रामीण  और  मृतिका  आरती नागेश  के परिजन  आज भी उजीन लाल नागेश के घर की सदस्य गायत्री बाई नागेश को मानते हैं


मासूमों का खोता बचपन


उजीन लाल नागेश की माने तो वह अपने परिवार का भरण पोषण दिहाड़ी मजदूरी करके कर रहा है उजीन नागेश के परिवार मैं उसकी 6 बेटियां भी हैं जिनमें से दो बच्चियों के  हाथ पीले हो चुके हैं  वहीं  4 बच्चियां  मालती  मनु  अनुराधा मोहनी  अपने  माता पिता  के साथ  घर पर ही  निवासरत  हैं  विडंबना  यह है कि  ग्रामवासी  पीड़ित  परिवार  की बच्चियों के साथ  अपने  घरों की  बच्चियों को  साथ में  स्कूल  नहीं  जाने देते  और  नाही  खेलने देते  मासूम  मनु और  मालती ने बतलाया कि स्कूल में उनके साथ पढ़ने वाली लड़कियां उनसे बात नहीं करती और जब मालती मनु खुद से अपने साथ पढ़ने वाली बच्चियों से बात करने की कोशिश करती है तो अन्य बच्चियों की ओर से कहा जाता है कि तुम्हारी मां ने आरती नागेश की हत्या की है जिस कारण ना तो हम तुम लोगों से बात करेंगे और ना ही खेलेंगे अगर हम  लोग तुम्हारे साथ  खेलेंगे  और अगर  किसी  गांव वाले ने देख लिया तो  वह हमारे घर मैं जा कर बतला देगा जिसके बाद हमारे घर के लोग हमको काटेंगे



दाने-दाने को मोहताज पीड़ित परिवार

पीड़ित परिवार की मानें तो 1 वर्ष पूर्व ग्राम पंचायत में होने वाले निर्माण कार्यों मैं उनके द्वारा कार्य किया जाता था लेकिन 1 वर्ष से पंचायत मैं काम खुलने के बाद भी कार्य नहीं कर पा रहे हैं जब भी पीड़ित परिवार का कोई सदस्य पंचायत के निर्माण कार्यों  मैं मजदूरी करने के लिए पहुंचता है तो सभी ग्रामीण निर्माण कार्य क्षेत्र से चले जाते हैं उजीन नागेश ने बतलाया की ग्राम वासियों ने ग्राम पंचायत पौड़ी मैं पदस्थ जनप्रतिनिधि सरपंच व सचिव से कह रखा है कि अगर पंचायत के द्वारा उजीन लाल नागेश के परिवार का कोई भी सदस्य ग्राम पंचायत के द्वारा करवाए जा रहे निर्माण कार्यों में कार्य करने के लिए पहुंचता है तो उन निर्माण कार्यों में ग्राम नए गांव का कोई भी ग्रामीण कार्य नहीं करेगा ग्रामवासियों के इस प्रकार के रवैया के चलते उन्हें ग्राम में कार्य नहीं मिल रहा है जिस कारण उनके सामने भूखे मरने की नौबत आ चुकी है


उजीन  लाल नागेश ने बताया कि वह व उसका परिवार 4 समाज के बीच में रहने वालों में से है लेकिन भाई के द्वारा इस प्रकार के झूठे आरोप लगाने के कारण उससे व उसके परिजनों से गांव का कोई भी सदस्य अब बातचीत नहीं करता है समाज के लोगों के द्वारा उसके परिवार से छुआछूत जैसी भावना लोगों के द्वारा रखी जाती है साथ ही अगर परिवार का कोई भी सदस्य पानी के लिए जाता है तो उस समय ग्रामीण अपने बर्तनों को अलग कर लेते हैं और अनेकों प्रकार के अब मर्यादित शब्दों का उपयोग करते रहते हैं ग्राम वासियों के ऐसे व्यवहार के चलते उजीन नागेश  के बच्चे गांव में किसी के यहां भी आ जा नहीं पा रहे हैं वहीं गांव के मुखिया मुकद्दम व वरिष्ठ जनों ने मिलकर उजीन के साथ  उसके परिवार को समाज से बहिष्कृत किया है जिनके खिलाफ मानहानि का मामला पीड़ित के द्वारा सिविल कोर्ट डिंडोरी में दायर किया है जिसकी सुनवाई अभी चल रही है गायत्री बाई नागेश ने बताया कि समाज के ढोंगी ठेकेदारों ने पूरे ग्राम नए गांव वासियों को अपना फरमान सुना दिया है कि अगर गांव का कोई भी सदस्य नागेश परिवार से बातचीत  करता है तो उसे भी इसी परिवार के जैसे समाज से बेदखल कर दिया जाएगा


न्याय की आस में परिवार

पीड़ित परिवार की मानें तो विगत एक 1 वर्ष से सामाजिक बहिष्कार का दंश झेल रहे हैं पुलिस के द्वारा पूरे मामले की जांच पूर्ण की जा चुकी है फिर भी समाज के ठेकेदारों के द्वारा जो गुनाह परिवार के किसी सदस्य ने किया भी नहीं है उसकी सजा वह लोग भुगत रहे हैं समाज से बहिष्कृत नागेश परिवार के द्वारा  43 लोगों की शिकायत डिंडोरी कोतवाली पहुंचकर की गई है पीड़ित परिवार को जिले के वरिष्ठ अधिकारियों से अब न्याय की उम्मीद है


भारत न्यूज लाइव 24 के लिए डिंडोरी से प्रदीप सिंह राजपूत की रिपोर्ट

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