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Saturday, 20 April 2019

एक दशक में भी पटरी पर नहीं आई यातायात व्यवस्था,न टैक्सी स्टैण्ड बना न भाड़ा निर्धारण हुआ

भारत न्यूज लाइव 24 हर खबर आप तक रिपोर्ट @शहडोल ब्यूरो 



शहडोल,  संभाग का गठन हुए भले ही एक दशक का समय बीत गया लेकिन आज भी मुख्यालय के लिए व्यवस्थित यातायात व आवाजाही की सुविधा नहीं है। नगर के अंदर आवाजाही का सबसे बड़ा साधन आटो है लेकिन आज तक उसके किराए का निर्धारण ही नहीं हुआ है। जबकि इनकी संखया बढ़ती जा रही है और आज इनकी संखया 1 हजार के करीब तक पहुंच चुकी है। आटेा चालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। नगर में कहीं भी आटो व टैक्सी स्टैण्ड नहीं है। प्रशासन,यातायात और नगरपालिका का इन पर मानो कोई अंकुश ही नहीं है। सड़क चैराहों में बेतरतीब खड़े इन वाहनों से अक्सर किराए को लेकर मुसाफिरों से विवाद होता रहता है। आटो चालक किराए का निर्धारण नहीं होने से मनमाना लाभ कमा रहे हैं। वे मुसाफिरों से मुहमागा किराया लेते हैं। नगरपालिका चैक से स्टेशन का किराया 10 रुपए लिया जाता है लेकिन यदि कोई मुसाफिर जैन मंदिर के समीप से आटो पर सवार हो तो उससे भी उतना ही भाड़ा ले लिया जाता है। सबसे अधिक वसूली रात के समय की जाती है। आटो चालक मुसाफिरों से दो गुना किराया वसूलते हैं। वे एक मुसाफिर से ही आने और जाने का दोनो ओर का किराया वसूल करना चाहते हैं। शहर में चूंकि आने जाने का और कोई साधन नहीं है इसलिए लोग मजबूरन इन पर सवारी करते हैं।

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