चंदवक, जौनपुर।श्मशान घाट पर एक साथ पिता पुत्र की जलती चिता देख हर किसी का मन द्रवित हो उठा।कुदरत के कहर को हर कोई कोश रहा था।रेल दुर्घटना में पुत्र की हुई मौत की सूचना पर सदमें में आए कैंसर पीड़ित पिता की भी मौत हो गई।पिता पुत्र की मौत की घटना से अमिलिया गांव जहां मातम छाया हुआ है वही एक माह के अंदर हुई तीन मौतों से परिवार पर दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा है। क्षेत्र के अमिलिया गांव निवासी सुरेश प्रताप सिंह (45)कई महीने से कैंसर से पीड़ित हैं।उनके तीन पुत्र अजीत सिंह(24),मनजीत(20),जुगुनू(18),वे एक पुत्री दीक्षा (16)है।उनके पिता रामबली सिंह(65) का सत्ताईस दिन पहले निधन हो गया।अजीत - BHARAT NEWS LIVE 24

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Thursday, 11 April 2019

चंदवक, जौनपुर।श्मशान घाट पर एक साथ पिता पुत्र की जलती चिता देख हर किसी का मन द्रवित हो उठा।कुदरत के कहर को हर कोई कोश रहा था।रेल दुर्घटना में पुत्र की हुई मौत की सूचना पर सदमें में आए कैंसर पीड़ित पिता की भी मौत हो गई।पिता पुत्र की मौत की घटना से अमिलिया गांव जहां मातम छाया हुआ है वही एक माह के अंदर हुई तीन मौतों से परिवार पर दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा है। क्षेत्र के अमिलिया गांव निवासी सुरेश प्रताप सिंह (45)कई महीने से कैंसर से पीड़ित हैं।उनके तीन पुत्र अजीत सिंह(24),मनजीत(20),जुगुनू(18),वे एक पुत्री दीक्षा (16)है।उनके पिता रामबली सिंह(65) का सत्ताईस दिन पहले निधन हो गया।अजीत

*करुणाकर द्विवेदी*

*ब्यूरो चीफ जौनपुर*


*जब एक साथ हुआ पिता पुत्र का दाह संस्कार*


चंदवक, जौनपुर।श्मशान घाट पर एक साथ पिता पुत्र की जलती चिता देख हर किसी का मन द्रवित हो उठा।कुदरत के कहर को हर कोई कोश रहा था।रेल दुर्घटना में पुत्र की हुई मौत की सूचना पर सदमें में आए कैंसर पीड़ित पिता की भी मौत हो गई।पिता पुत्र की मौत की घटना से अमिलिया गांव जहां मातम छाया हुआ है वही एक माह के अंदर हुई तीन मौतों से परिवार पर दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

               क्षेत्र के अमिलिया गांव निवासी सुरेश प्रताप सिंह (45)कई महीने से कैंसर से पीड़ित हैं।उनके तीन पुत्र अजीत सिंह(24),मनजीत(20),जुगुनू(18),वे एक पुत्री दीक्षा (16)है।उनके पिता रामबली सिंह(65) का सत्ताईस दिन पहले निधन हो गया।अजीत व मनजीत दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते हैं।कैंसर पीड़ित पिता को देखने तीन दिन पूर्व अजीत दिल्ली से घर के लिए चला।ट्रेन में चढ़ते वक्त नई दिल्ली स्टेशन पर घायल हो गया और बेहतर इलाज के अभाव में टूंडला  आते आते उसकी मौत हो गई ।अजीत के मौत की सूचना परिवार को मिली तो कोहराम मच गया।चाचा कृष्ण कुमार सिंह जहां शव लेने टूंडला पहुंचे वही बेटे की मौत की सूचना से सदमे में आए सुरेश प्रताप सिंह की मौत हो गई।एक साथ हुई दो मौतों से परिवार में मातम छा गया।बुधवार की रात श्मशान घाट पर पिता पुत्र दोनों की एक साथ चिता जलते देख हर किसी का मन जहां द्रवित हो उठा वही एक माह के अंदर तीन मौतों से परिवार पर दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा।

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