Breaking News

मतदान दल प्रशिक्षण में रूचि नही लेने वाले 14 मतदान कर्मियों को जिला निर्वाचन अधिकारी ने जारी किए कारण बताओ नोटिस

मतदान दल प्रशिक्षण में रूचि नही लेने वाले 14 मतदान कर्मियों को जिला निर्वाचन अधिकारी ने जारी किए कारण बताओ नोटिस 



माकपोल के बाद सीआरसीटी तथा मतदान पश्चात क्लोज बटन का उपयोग करें - जिला निर्वाचन अधिकारी

 

उमरिया से--//-- जिला ब्यूरो चीफ प्रवीण तिवारी की रिपोर्ट भारत न्यूज लाइव 24 हर खबर अब तक




    कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी स्वरोचिष सोमवंशी स्वयं मतदान दल प्रशिक्षण की मानीटरिंग प्रारंभ कर दी है। शासकीय उमावि बालक कालरी के विभिन्न 10 कक्षों में चल रहे मतदान दल प्रशिक्षण के दौरान वे स्वयं उपस्थित रहकर प्रशिक्षण की गतिविधियों की मानीटरिंग करते हैं, तथा प्रशिक्षण पश्चात मतदान दल के सदस्यों से मतदान प्रक्रिया के संचालन संबंधी प्रश्न करके गुणवत्ता एवं ग्राह्यता का आकलन स्वयं करते है। प्रशिक्षण के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी 10 कक्षों में जाकर मतदान दलो के सदस्यो से विभिन्न तरह के प्रश्न किए जिसमें माकपोल तथा माकपोल के बाद वास्तविक मतदान प्रारंभ करने, मत पत्र लेखा, मतदान समाप्त होने के पश्चात की जाने वाली कार्यवाहियों से संबंधित प्रश्न शामिल हैं। आपने मतदान दल के सभी सदस्यों को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा उपलब्ध कराई गई पुस्तिका का अध्ययन कर अक्षरशः पालन करने के निर्देश दिए है। साथ ही प्रशिक्षण में लापरवाही बरतने वाले या गुणवत्ता युक्त प्रशिक्षण प्राप्त नही करने वाले 14 पीठासीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है कि क्यो न आपके दायित्वो के निर्वहन में लापरवाही के कारण निलंबित किया जाए।

    जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदान दल के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि निर्वाचन कार्य में गलती की गुंजाइश नही होती। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों एवं प्रक्रियाओं का भली भांति पालन होना चाहिए। इसके लिए मतदान दल पूरी तरह से प्रशिक्षित होने चाहिए उनमें अपने दायित्व के निर्वहन तथा अपने कार्य के प्रति विश्वास होना चाहिए। यह तभी संभव है जब सभी लोग आयोग के निर्देशों का अध्ययन करें। सभी निर्देशों से अद्यतन रहे। प्रशिक्षण के दौरान किसी भी तरह की शंका होने पर निराकरण अवश्य कर लें।

    जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी तथा सुगम निर्वाचन संपन्न कराने की जवाबदारी हम सब पर संयुक्त रूप से है, इसलिए त्रुटि रहित मतदान संपन्न कराने के लिए हम सबकों दृढ़ संकल्प रहना चाहिए। आपने कहा कि निर्वाचन सामग्री प्राप्त करने के बाद कोई भी मतदान अधिकारी अपने वाहन से मतदान केंद्र नही जाएगा। मतदान केंद्र के अंदर मोबाइल, धूम्रपान एवं आग प्रज्जल्वित करना वर्जित रहेगा। मूक वधिर दिव्यांग से तेज आवाज में बात नही करनी है और न ही मतदान कक्ष में अनावश्यक चर्चा या शोर गुल करना है। व्हीव्हीपैट के उपर सीधे प्रकाश या तेज प्रकाश नही आने दें। आपने बताया कि लोक सभा  आम निर्वाचन 2019 के दौरान क्रिटिकल मतदान केंद्रों में माइक्रो आब्जर्वर तैनात रहेगे। 

    कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी स्वरोचिष सोमवंशी ने कहा कि आप सभी पूर्व से ही निर्वाचन प्रक्रिया से वाकिफ है, किंतु उनका यह ज्ञान अति विश्वास में नही बदलना चाहिए, अन्यथा गलती की संभावनाएं बढ़ जाती है। सभी लोग आयोग के अद्यतन नियम निर्देशों का अध्ययन करें तथा जिले में स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी, त्रुटिरहित मतदान संपन्न कराने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करें। 

    जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि लोक सभा निर्वाचन 2019 में मतदान प्रातः 7 बजे से शाम  6 बजे तक संपन्न होगा। वास्तविक मतदान के पूर्व एक घंटा पहले से माकपोल की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। माकपोल में अभ्यर्थी या राजनैतिक दलों के अभिकर्ता उपस्थित रहना चाहिए। यदि 15 मिनट तक अभिकर्ता उपस्थित नही होते है तो सेक्टर आफीसर व माइक्रो आब्जर्वर की उपस्थिति में माकपोल कर लिया जाए। वास्तविक मतदान के पहले अर्थात माकपोल के दौरान यदि कोई भी मशीन खराब होती है तो उसकी वही यूनिट बदली जाएगी जो खराब होगी तथा दुबारा माकपोल कराना होगा। वास्तविक मतदान प्रारंभ होने के बाद यदि बीयू या सीयू में समस्यां आती है तो पूरी यूनिट बदली जाएगी और यदि व्हीव्हीपैट में समस्यां हो तो उसे बदला जाएगा। इस दौरान सभी अभ्यर्थियों को एक एक वोट डालकर माकपोल किया जाएगा। उन्होने बताया कि माकपोल के पश्चात सीआरसीटी की प्रक्रिया पूरी करनी है। यहां यह ध्यान देना होगा कि मशीन में एक एक आपरेशन होने के पश्चात ही अगली बटन का उपयोग किया जाए। मतदान समाप्ति के पश्चात क्लोज बटन अनिवार्य रूप से दबाएं। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से

No comments