मशरक : स्वास्थ्य केंद्र पर आशा कार्यकर्ताओं ने 12 सूत्री मांगों को ले किया प्रदर्शन रिपोर्ट - पंकज कुमार सिंह छपरा जिले के मशरक थाना क्षेत्र में मशरक स्वास्थ्य केंद्र पर बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले आ - BHARAT NEWS LIVE 24

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Friday, 7 December 2018

मशरक : स्वास्थ्य केंद्र पर आशा कार्यकर्ताओं ने 12 सूत्री मांगों को ले किया प्रदर्शन रिपोर्ट - पंकज कुमार सिंह छपरा जिले के मशरक थाना क्षेत्र में मशरक स्वास्थ्य केंद्र पर बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले आ

मशरक :  स्वास्थ्य केंद्र   पर आशा कार्यकर्ताओं ने 12 सूत्री मांगों को ले किया प्रदर्शन

रिपोर्ट - पंकज कुमार सिंह
छपरा जिले के मशरक थाना क्षेत्र में मशरक स्वास्थ्य केंद्र पर बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले आशा कार्यकर्ताओं ने हड़ताल के  सातवें  दिन शुक्रवार  को स्वास्थ्य केंद्र मशरक   में प्रदर्शन किया  इस दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य मंत्री एवं मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया बताते चलें कि विगत दिन उनके द्वारा जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्र में तालाबंदी कर प्रतिरक्षण कार्यक्रम को पूरी तरह प्रभावित कर दिया गया था. आशा कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर 1 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है हड़ताल के क्रम में गुरूवार  को  आशा कार्यकर्ताओं ने मशरक  ओपीडी में भी कार्य प्रभावित किया था।आशा संघर्ष समिति संयुक्त मंच के प्रखंड अध्यक्ष अनिता देवी  ने बताया कि अपनी 12 सूत्री मांगों के आलोक में उनके द्वारा कार्य का बहिष्कार करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल किया गया है उन्होंने कहा कि सरकार जब तक उनकी मांगों को स्वीकार नहीं करती है तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
धरना को आशा कार्यकर्ता  नूतन कुंवर  ने संबोधित किया उन्होंने कहा कि हड़ताल को धारदार बनाते हुए 10 दिसंबर को सिविल सर्जन का घेराव किया जाएगा वह 11 दिसंबर को जिलाधिकारी का भी घेराव किया जाएगा । आशा कार्यकर्ताओं की 12 सूत्री मांगों में 18 हजार रुपए का मासिक मानदेय योग्यता धारी आशा कार्यकर्ताओं को नर्सिंग स्कूलों में 50 फ़ीसदी आरक्षित सीट व मरीज को इलाज के लिए अस्पताल में लाने पर  आशा कार्यकर्ता को रात में ठहरने के लिए अलग रूम सहित अन्य मांगे शामिल है।

धरना प्रदर्शन के वक्त एक  बच्चे को कुता काटने का  मामला आया  पर  आशा  कार्यकर्ता के  धरना-प्रदर्शन और  ओपीडी बाधित करने से  बच्चे को उसके अभिभावक उसे  निजी क्लीनिक में सूई  दिलवाने के लिए ले  गए ।

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