Thursday, 1 November 2018

बिहार के जिला मुजफ्फरनगर अस्पताल में मानवता शर्मसार, मरीज के जख्म पर रेंगती रहीं चींटियां यह बिहार है अस्पताल देखिये बिहार मुजफ्फरपुर के रिपोर्ट दिनेश कुमार पंडित बिहार में ऐसी खबर मिला है आप चौकने सिवा कुछ नजर ख

बिहार के जिला मुजफ्फरनगर  अस्पताल में मानवता शर्मसार, मरीज के जख्म पर रेंगती रहीं चींटियां यह बिहार है अस्पताल
देखिये 
बिहार मुजफ्फरपुर के
रिपोर्ट
दिनेश कुमार पंडित

बिहार में ऐसी खबर मिला है आप चौकने सिवा कुछ नजर खयेगा उत्तर बिहार के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज एसकेएमसीएच से मानवता को शर्मसार करने वाली खबर आई है. दरभंगा में एक मरीज की जहां चूहे के काटने से एक नवजात की मौत हो गई, वहीं मुजफ्फरपुर के श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसकेएमसीएच) के इमरजेंसी वार्ड के बरामदे में 24 घंटे से एक लावारिस मरीज को चींटी काट-काट कर खा रही है लेकिन उसके घाव पर ड्रेसिंग तक नहीं किया जा रहा है. इस कथित बड़े मेडिकल कॉलेज में उत्तर बिहार के सभी जिलों से मरीज इलाज करवाने आते हैं लेकिन यहां की जमीनी हकीकत को देख कर रूह कांप जाती है. बुधवार की शाम को यहां एक लावारिश मरीज को इमरजेंसी में भर्ती कराया गया. उस मरीज के दोनों पैर घाव से सड़ रहे हैं और उनमें कीड़े भी लग चुके हैं. उसके घावों की हालत इतनी गंभीर है कि वह लगातार दर्द से छटपटा रहा है. रात भर वह मरीज इमरजेंसी वार्ड के बरामदे पर घाव की पीड़ा से छटपटाता रहा लेकिन किसी नें उसकी सुध नहीं ली. यहां तक कि रात में उसको कपड़े तक नहीं दिए गए जबकि वह नंगा आया था. किसी ने एक चादर उसके ऊपर डाल दिया. उसके घावों को चींटी और मक्खियां काट-काट कर खा रही हैं और उसके घावों पर ड्रेसिंग तक नहीं की जा रही है एसकेएमसीएच ने दिये जांच के आदेश हद तो तब हो गई जब उस मरीज को सुबह में इमरजेंसी वार्ड से उठाकर वार्ड-6 के बरामदे पर जमीन पर डाल कर छोड़ दिया गया लेकिन वहां भी उसकी हालत जस की तस रही. वहां भी उसके घाव वैसे ही खुले हैं और चींटी उसके घावों को काट रही हैं. इससे दूसरे मरीजों की भी परेशानी बढ़ गई है क्योंकि उचित इलाज नहीं होने से उसके घाव से बदबू आ रही जिससे उसके बेड के पास से गुजरने वालों को परेशानी हो रही हैः
अस्पताल के वार्ड-6 में भर्ती एक मरीज के परिजन ने बताया कि सुबह में ट्रॉली वाले इसे यहां डाल कर चले गए हैं तब से कोई डॉक्टर या नर्स उसके पास नहीं गया है।
इस मामले में जब अस्पताल के अधीक्षक डॉ सुनील कुमार शाही से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि लावारिस मरीजों की देखभाल के लिए अलग से कर्मी बहाल किया गया है जो उसके खाना-पीना, नहलाना, साफ-सफाई के साथ शौच तक की व्यवस्था करेगा.
डॉक्टर शाही ने यह भी बताया कि इस मरीज के घावों की ड्रेसिंग भी कर दी गई है, लेकिन उसके घावों पर भनभनाती मक्खी और चीटियां उनके दावों की पोल खोल रही है।

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