Thursday, 8 November 2018

देश के इतिहास में काला दिन के रूप में याद किया

देश के इतिहास में काला दिन के रूप में याद किया जाएगा 8 नवंबर:- राजेश पांडेय

08,112018

रिपोर्टः

दिनेश कुमार पंडित


हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा सेकुलर0811 के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेश पांडेय ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि देश के इतिहास में 8 नवंबर काला दिन के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने 8 नवंबर 2016 को रात के 8:00 बजे देश को आर्थिक तंगी के तरफ धकेल दिया था। जिससे आज तक देश उबर नहीं पाया है। नोट बंदी के दो वर्ष बीत जाने के बाद भी केंद्र की सरकार ने देश की जनता को यह नहीं बताया कि अब तक सरकार के पास कितना काला धन प्राप्त हुआ है। आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने कहा था कि नोट बंदी से देश में आतंकवादी घटनाओं में कमी आएगी, कश्मीर में पत्थरबाजों पर लगाम लगेगी परंतु लगातार नोटबंदी के बाद भी दोनों तरह की घटनाओं में वृद्धि होती रही है। नोट बंदी से सबसे ज्यादा नुकसान व्यवसायी वर्ग को उठाना पड़ा है। वहीं कई छोटे उद्योग तो बंद हो गए हैं। जिससे से देश में लगातार बेरोजगारी बढ़ी है, तथा देश आर्थिक मंदी से गुजर रहा है अब प्रधानमंत्री को आर्थिक मंदी की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से त्याग पत्र दे देना चाहिए था।