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Friday, 23 November 2018

कौमी एकता सप्ताह के अन्तर्गत गांधीभवन प्रेक्षाग्रह में किया गया एक विचार गोष्ठी एवं स्कूली बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन

कौमी एकता सप्ताह के अन्तर्गत गांधीभवन प्रेक्षाग्रह में किया गया एक विचार गोष्ठी एवं स्कूली बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन


कौमी एकता सप्ताह का शुभारम्भ भाजपा के जिलाध्यक्ष राकेश मिश्र अनावा ने दीप प्रज्जवलित कर किया


*23 ,,नवम्बर ,2018 भारत न्यूज लाइव 24 हर खबर आप तक बने रहे आशीष  सिंह के साथ*


शाहजहाँपुर//एकीकरण विभाग की ओर से 19 नवम्बर से 25 नवम्बर 2018 के क्रम में कौमी एकता सप्ताह के अन्तर्गत गांधीभवन प्रेक्षाग्रह में एक विचार गोष्ठी एवं स्कूली बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। कौमी एकता सप्ताह का शुभारम्भ भाजपा के जिलाध्यक्ष श्री राकेश मिश्र अनावा ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इस मौके पर लीड कान्वेन्ट स्कूल एवं गुरुनानक कन्या पाठशाला के बच्चों ने कई सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। आयोजन के उपरान्त जिलाध्यक्ष ने सभी बच्चों को पुरुस्कृत कर सम्मानित किया गया। श्री मिश्र ने कहा कि एकता एक ऐसी जड़ है जिसे कोई भी ताकत या हुकूमत नहीं उखाड़ सकती है। एकता ही देश के विकास में मूलमंत्र सिद्ध है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि हम युवाओं को एकता शब्द का मतलब सीखना होगा। तभी हम अपने देश को विकास के पथ पर ले जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि याद रखो कि एकता का मान तब ही होगा जब देश का आधार उसकी एकता एवं अखण्डता में निहित होता है। भारत देश कई वर्षों तक गुलाम था। इसका सबसे बड़ा कारण था आवाम के बीच एकता में कमी होना। इस एकता की कमी का सबसे बड़ा कारण उस समय सूचना प्रसारण के साधनों का न होना था। अखण्ड भारत पर कई संस्कृतियों ने राज किया। इस कारण भारत देश में विभिन्न जातियों का विकास हुआ। 

श्री मिश्र ने कहा कि शासन बदलते रहने के कारण एवं विचारों में भिन्नता के कारण मतभेद उत्पन्न होता गया, और देश में सबसे बाद में ब्रिटिश हुकूमत ने राज किया, और उन्होंने इसी कमी का फायदा उठाकर फूट डालो और राज करो की नीति अपनाई। इसी एक हथियार के कारण अंग्रेजों ने भारत पर 200 वर्षों तक राज किया। इससे जाहिर होता है कि देश का विकास, शान्ति, समृद्धि एवं अखण्डता एकता के कारण ही सम्भव है। कौमी लड़ाई देश को खोखला करती है। इससे न तो निजी लाभ होता है और न ही राष्ट्रीय हित। आज हम कहीं न कहीं एकता में कमी के कारण ही अन्य देशों की तुलना में पीछे हैं। जाति के दलदल में फँसकर हम देश की एकता को कमजोर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों को एक बैनर तले आना होगा जिससे हमारी एकता बरकरार रहे और हम देश को विकास की ओर अग्रसर कर सकें।वरिष्ठ पत्रकार ओंकार मनीषी ने कहा कि कौमी एकता अर्थात अनेकता में एकता यही हमारे देश की पहचान है। भारतीय जीवन विविधतापूर्ण है। हमारा देश कौमी एकता का जीवन्त उदाहरण है। अनेक भाषायें बोलने वाले अनेक धर्मावलम्बी और 125 अरब की जनसंख्या इस देश में बसती है। यह देश दुनिया का सबसे बड़ा लोकतन्त्रिक देश है। ऐसे विविधतापूर्ण देश के लिये कौमी एकता का महत्व और अधिक बढ जाता है। कार्यक्रम का संचालन डा0 इन्दु अजनवी ने किया। कार्यक्रम आये आगुन्तकों का आभार जिला एकीकरण विभाग के नोडल अधिकारी श्री जोगंन्द्र सिंह यादव ने किया। इस अवसर पर जिला गन्ना अधिकारी, अधिशासी अभियन्ता पीडब्ल्यूडी, जिला उद्यान अधिकारी सहित अन्य अधिकारीगण, पत्रकारगण एवं स्कूली बच्चे उपस्थित रहे।

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