सिसकियों के बीच भाई का इंतजार करती रह गयी बहन बघेजी गांव में पसरा सन्नाटा, सदमे में डूबे परिजन - BHARAT NEWS LIVE 24

Breaking

Monday, 19 November 2018

सिसकियों के बीच भाई का इंतजार करती रह गयी बहन बघेजी गांव में पसरा सन्नाटा, सदमे में डूबे परिजन

सिसकियों के बीच भाई का इंतजार करती रह गयी बहन

बघेजी गांव में पसरा सन्नाटा, सदमे में डूबे परिजन 

अरुण गुप्ता, बरौली  

बरौली थाना क्षेत्र के बघेजी गांव निवासी सुकांत पांडेय के पुत्र अनीष कुमार पांडेय के साथ डुमरिया सेतु पर वारदात होने के बाद परिजनों में अनहोनी होने की आशंका से बेचैनी बढ़ गयी है. अनीष की बहन अपने भाई की तसवीर लेकर सिसकियों के बीच इंतजार कर रही है. सोमवार को पूरे दिन गांव में सन्नाटा पसरा रहा. घर पर छोटे-छोटे बच्चे थे, जो खेलने में मशगुल थे. परिवार के सभी सदस्य डुमरिया सेतु पर अपने लाल को ढृंढने के लिए सुबह में ही निकल गये थे. पांडेय परिवार इस समय सदमे में डूबा हुआ है. परिवार के सदस्यों को तनिक भी एहसास नहीं हुआ था कि रास्ते में अपराधियों द्वारा इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया जायेगा. गांव के प्रशां सिंह व पूर्व उप मुखिया पिन्टू कुमार बताते हैं कि अनीष शांत स्वाभाव का मिलनसार लड़का था. विदेश से एक माह पहले ही घर आया था. अनीष के लापता होने से गांव के लिए भी मर्माहत थे. लापता युवक का छोटा भाई कार्यपालक सहायक के पद पर बरौली प्रखंड में कार्यरत है. परिजनों के मुताबिक छठ पूजा में घर आया था. अनीष के दो पुत्री 10, और सात वर्ष की हैं. पत्नी लुस्सी सिंह भी बेसूद पड़ी हैं. 


लापता युवक के पिता शेर हाइस्कूल में हैं शिक्षक 

लापता अनीष के पिता सुकांत पांडेय शेर हाई स्कूल में शिक्षक हैं. घटना के दिन पिता अपने घर पर थे. सूचना मिलने के बाद से डुमरिया सेतु पर ही देर शाम तक बेटे की तलाश में जुटे रहे. पुलिस ने भी पीड़ित पिता से पूछताछ की है. परिजनों से घटना की पूरी जानकारी लेने के बाद पुलिस अपराधियों की तलाश में छापेमारी कर रही है. 


ससुर की तबियत खराब होने पर जा रहा था ससुराल 

बरौली के अघेजी निवासी अनीष कुमार पांडेय के परिजनों ने बताया कि ससुर की तबियत अचानक खराब होने की सूचना मिलने पर सोमवार की सुबह अपने ससुराल मोतिहारी के अरेराज जा रहा था. परिजनों से बातचीत करने के बाद अनीष बाइक से निकला था, लेकिन रास्ते में ही अपराधियों ने लूटपाट की घटना को अंजाम देकर उसे गंडक नदी में फेंक दिया.

No comments:

Post a Comment