Thursday, 1 November 2018

प्रेस विज्ञप्तिखोरी अमरपुर की अंधी हत्याकांड का खुलासा, दूसरे राज्यों से भी आरोपियों को खींच लाए कानून के लंबे हाथमजबूत मुखबिर तंत्र, नए जोश से भरी हुई पुलिस, पुलिस अधीक्षक तरुण नायक का कुशल नेतृत्व, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की शानदार टीम लीडरशिप। दिनोंदिन हो रहे

प्रेस विज्ञप्ति

खोरी अमरपुर की अंधी हत्याकांड का खुलासा, दूसरे राज्यों से भी आरोपियों को खींच लाए कानून के लंबे हाथ
मजबूत मुखबिर तंत्र, नए जोश से भरी हुई पुलिस, पुलिस अधीक्षक तरुण नायक का कुशल नेतृत्व, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की शानदार टीम लीडरशिप। 


आरोपी पकड़े  देखिये उनलोगों का फोटो सहित 

दिनोंदिन हो रहे पुलिस के शानदार कामों की वजह से सीधी पुलिस आजकल चर्चा में है। हाल ही में हुआ खोरी अमरपुर लूट हत्याकांड एक अंधी हत्या कांड के रूप में सामने आया। हत्याकांड की खबर लगते ही पुलिस ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए मौके से साक्ष्यों का संकलन किया व मुखबिर तंत्र के दम पर संदिग्धों की निशानदेही भी कर ली। कानून के हाथ लंबे होते हैं ,अपराधी कितना ही शातिर व चालक क्यों ना हो पुलिस के सामने उसका हर पैंतरा बौना ही साबित होता है ।दिनांक 27 /10 /18 को बहरी थाना क्षेत्र के ग्राम खोरी के रहने वाले पुष्पेंद्र सिंह पिता राजेंद्र सिंह उम्र 40 वर्ष की अज्ञात बदमाशों ने मोटरसाइकिल रोककर लाठी डंडों से मारपीट कर बैग छीनकर हत्या कारित कर दी थी , जिस संबंध में थाना बहरी में फरियादी दीपक सिंह चौहान की सूचना पर संदेहियों एवं अज्ञात आरोपीगणों के विरुद्ध अपराध धारा 394, 302 34 भारतीय दंड विधान का  दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई , इस  जघन्य घटना से संपूर्ण जिले में सनाका खिंच गया था , दिनदहाड़े हुई इस सनसनीखेज वारदात से लोग भयभीत हो गए ।घटना की गंभीरता एवं संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक तरुण नायक और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा तत्काल मौके पर पहुंचे। मौके की संवेदनशीलता देखते हुए तुरंत योजना तैयार की गई।थाना बहरी की पुलिस टीम ,थाना कोतवाली की पुलिस टीम ,एवं थाना अमिलिया की पुलिस टीम को तत्काल चारों ओर लगाकर बदमाशों को पकड़ने हेतु घेराबंदी  की गई ।घटना सनसनीखेज एवं अत्यंत जटिल होने से पुलिस अधीक्षक तरुण नायक द्वारा खुद मोर्चा संभालते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीमें बनाई गई थी ।जिसमें थाना प्रभारी कोतवाली राघवेंद्र द्विवेदी को क्षेत्र में संदिग्धों की धरपकड़ की जिम्मेदारी दी गई थी ,उपनिरीक्षक दीपक बघेल थाना अमिलिया की टीम को तकनीकी सहयोग लेकर बदमाशों की धरपकड़ की जिम्मेदारी दी गई थी ।इस बीच पुलिस अधीक्षक तरुण नायक द्वारा स्वयं मोर्चा संभालते हुए बदमाशों के भागने के रास्तों का पता लगाया जा रहा था ,तथा सही पता ज्ञात होने पर एक टीम सूबेदार भागवत पांडेय के नेतृत्व में तत्काल मनमाड महाराष्ट्र के लिए रवाना कर दी गई।मनमाड़ रेलवे पुलिस तथा खंडवा रेलवे पुलिस के सहयोग से आरोपीगण सत्यम चौहान एवं कृष्ण कुमार चतुर्वेदी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई ,साथ ही एक टीम उप निरीक्षक शिवम दुबे के नेतृत्व में बहरोड जिला अलवर राजस्थान भेज कर संदेही रवि सिंह परिहार की वहाँ होने की सूचना पर राजस्थान पुलिस के सहयोग से भिवाड़ी स्थान से हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई ।साथ ही एक टीम उप निरीक्षक दीपक बघेल आकाश राजपूत व अभिषेक पांडेय के नेतृत्व में रीवा जाकर संदेही राहुल सिंह एवं दीपक सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई तो पहले तो संदेहियों ने पुलिस को चकमा देने का प्रयास किया किंतु सख्ती से पूछताछ करने पर पांचों आरोपीगणों क्रमश: दीपक सिंह ,राहुल सिंह ,रवि सिंह परिहार ,सत्यम सिंह चौहान एवं कृष्ण कुमार चतुर्वेदी द्वारा घटना कारित किया जाना कबूल कर लिया गया जिससे उन्हें गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल ,मोबाइल , मृतक के कब्जे से छीना गया बैग ,कियोस्क मशीन , संबंधित कागजात ,तथा छीने गये रुपये जप्त कर लिए गए हैं ।आरोपीगणों को न्यायालय पेश किया जाकर पुलिस रिमांड में लेकर अग्रिम पूछताछ कर अन्य प्रकरणों के संबंध में भी जानकारी एकत्रित की जा रही है ।
पुलिस अधीक्षक तरुण नायक ने इस घटना को बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बताया तथा कहा कि सीधी जिले में किसी भी प्रकार के अपराध एवं अपराधियों को पनपने नहीं दिया जावेगा ,अपराधी चाहे कितना भी शातिर हो सीधी पुलिस के शिकंजे से नहीं बच सकता है ,और इस घटना में सीधी पुलिस टीम के मेहनत और लगातार जूझकर आरोपीगणों को पकड़ने में मदद करने वाले सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पुरस्कृत करने की भी बात कही है ।*
पुलिस टीम में निरीक्षक राघवेंद्र द्विवेदी उप निरीक्षक डीडी पांडे सूबेदार भागवत प्रसाद पांडेय उप निरीक्षक दीपक बघेल उप निरीक्षक शिवम दुबे  उप निरीक्षक अभिषेक पांडे उप निरीक्षक आकाश राजपूत प्रधान आरक्षक संतोष साकेत प्रधान आरक्षक अंजनी दिवेदी । प्रदीप मिश्रा आनंद कुशवाहा।आरक्षक दिनेश सिंह विपिन त्रिपाठी महेंद्र मूर्तियां जितेंद्र पाठक, शिवराम ,संजीव चंदेल , आज़ाद खान।दिलराज सिंह आदि शामिल रहे।