Monday, 5 November 2018

बिहार के राजधानी पटना में बहू आने पर राबड़ी ने छठ करने की कही थी बात, अब लालू की गैरमौजूदगी में करेंगी अनुष्ठान 05,11,2018 रिपोर्टः दिनेश कुमार पंडित बिहार से

बिहार के राजधानी पटना में बहू आने पर राबड़ी ने छठ करने की कही थी बात, अब लालू की गैरमौजूदगी में करेंगी अनुष्ठान
05,11,2018
रिपोर्टः
दिनेश कुमार पंडित
बिहार से
बिहार के राजधानी पटना में राजद  के अध्यक्ष  श्री लालू परिवार में हुए छठ पूजा की  घर में चल रहे झगड़े से दूर बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी छठ का पर्व करेंगी. दरअसल इस महापर्व नजदीक आते ही सबकी निगाहें पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड पर चली जाती हैं. ये ठिकाना बिहार के सबसे बड़े सियासी परिवार यानि लालू प्रसाद एंड फैमिली का है. चुकि छठ महापर्व को इस परिवार में हमेशा से धूमधाम से मनाया जाता है ऐसे में इस बार भी लोगों की नजरें इस बात पर टिकी थीं कि क्या लालू परिवार में छठ महापर्व का आयोजन होगा और राबड़ी देवी व्रत करेंगी।
.  आज अपने घर लौटेंगे तेजप्रताप, ऐश्वर्या से भी हो सकती है मुलाकात लालू परिवार में साल 2016 में छठ नहीं हुआ था लेकिन राबड़ी देवी ने बेटों की शादी के बाद छठ व्रत करने की बात कही थी. उस समय उन्होंने कहा था कि बेटियों की शादी हो जाने के बाद इस पर्व में उनका हाथ बंटाने वाला कोई नहीं है, इस कारण तेजप्रताप और तेजस्वी के विवाह के बाद अब छठ करेंगी. इसके बाद राबड़ी ने बीते साल 2017 में छठ किया था. हालांकि अब तक उनके दोनों बेटों की शादी नहीं हुई है लेकिन बड़े बेेटे तेजप्रताप की शादी के बाद बहू घर आ चुकी है और उम्मीद थी कि वो छठ करेंगी। तेजप्रताप राबड़ी के छठ करने को लेकर हाल के दिनों में सस्पेंस बन गया था क्योंकि एक तरफ जहां घर के मुखिया लालू प्रसाद जेल में हैं तो दूसरी तरफ उनके परिवार में अंदरूनी विवाद  चल रहा है. इस बीच राबड़ी ने छठ करने की बात कही है. ऐसा माना जा रहा है कि राबड़ी को इस बार छठ में बेटियों के साथ-साथ बहू की भी मदद मिलेगी. परिवार में बड़े बेटे तेज प्रताप ने शादी के महज छह महीने के बाद ही बहू को तलाक की अर्जी देकर सभी को सकते में डाल दिया है ऐसे में अभी राबड़ी का छठ करना अनिश्चित ही लग रहा था लेकिन राबड़ी ने इस अनिश्चितता को दूर कर दिया है.
जानकारी कि पिछले साल भी स्वास्थ्य ठीक न होने की वजह से राबड़ी के छठ न मनाने को लेकर आशंका व्यक्त की थी लेकिन परिवार के सहयोग से उन्होंने आखिरकार इस छठपर्व की देश भर में चर्चा देखने सुनने होते रहते है।