Saturday, 27 October 2018

*जिला अस्पताल अपनी दुर्दशा पर आंसू** बहाने को मजबूर है,अव्यवस्थाओ का ऐसा आलम की मरीज डॉक्टरों के लिए तरसते* *नजर आते है जहाँ तंहा फैली गंदगी से प्रसूता वार्ड में नवजात शिशुओं के साथ माताओ पर भी गंदगी की बजह से इंफेक्शन फैल रहा*

*जिला अस्पताल अपनी दुर्दशा पर आंसू** बहाने को मजबूर है,अव्यवस्थाओ का ऐसा आलम की मरीज डॉक्टरों के लिए तरसते* *नजर आते है जहाँ तंहा फैली गंदगी से प्रसूता वार्ड में नवजात शिशुओं के साथ माताओ पर भी गंदगी की बजह से इंफेक्शन फैल रहा* है,यहाँ मरीज डॉक्टरों के भरोसे नही बल्कि भगवान के भरोसे रहते है,न सही भोजन मिलता है न दवाए,हर मरीज चाहे गरीब हो या अमीर सभी को दवाए बाहर दुकानों से खरीदने पड़ रही है,डॉक्टर आते है अपनी उपस्थिति रजिस्टर में दस्खत कर भाग जाते है,ऐसे में जिम्मेदार भी मुह मोड़ कर अपनी जिम्मेदारी से दूर भागते नजर आते है,।
बाइस ओवर(1)सीधी जिला अस्पताल किसी नरक से कम नही है,यहाँ डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से आये दिन मौतो का आकंड़ा लगातार बढ़ रहा है,अव्यस्थाओ का ऐसा आलम प्रदेश के किसी अस्पताल में देखने को नही मिलता,जिला अस्पताल का पूरा स्टॉप निरंकुश हो गया है,लेवर वार्ड हो या अन्य वार्ड यहाँ बजबाजाती गंदगी से मरीजो का जीना मुशिकल हो गया है,चारो तरफ पसरी गंदगी से नवजात शिशुओं को इंफेक्शन तो हो ही रहा है साथ ही इनकी माताओ पर भी इंफेक्शन होने का खतरा मंडरा रहा है,मरीजो की माने तो वार्ड में मरीज दर्द की वजह से कराहते रहते है,चीखते रहते है लेकिन डॉक्टर नही आते,खाली उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर कर अस्पताल से गायब हो जाते है,जब हमने अस्पताल की पड़ताल की तो एक भी डॉक्टर अस्पताल में मौजूद नही थे,ऐसे में मरीज भगवान भरोसे डले रहते है,
बाईट(1)संध्या मिश्रा(मरीज)
बाईट(2)रमेश विश्वकर्मा(मरीज के परिजन)
बाईट(3)कौशल्या तिवारी(मरीज)
बाइस ओवर(2)वही जिम्मेदार डॉक्टर अस्पताल तो आते है लेकिन सिर्फ सरकार का खजाना लूट कर अपनी निजी क्लिनिक संचालित करते है,दस्खत कर अस्पताल से फरार हो जाते है,जिला अस्पताल किसी यतीम से कम नही है ऐसे ही एक जिम्मेदार डॉक्टर से हमने पूछा तो मीडिय

शरद गौतम सीधी

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