Monday, 29 October 2018

*बना दिये मिट्टी के, जरा सी आस पाली है* *मेरी मेहनत खरीदो लोगों मेरे घर दिवाली है* *चायनीज लाईट के कारण बहुत कम बिकते है मिट्टी के दीपक*

*बना दिये मिट्टी के, जरा सी आस पाली है*

                                     

*मेरी मेहनत खरीदो लोगों मेरे घर दिवाली है*
                                 *चायनीज लाईट के कारण बहुत कम बिकते है मिट्टी के दीपक*

*मिट्टी के लिए भी नहीं है जगह दीये बनाने के लिए खरीदकर लानी पड रही है मिट्टी*

      शिवपुरी ब्यूरो/शिवपुरी जिले में निवास कर रहे समस्त प्रजापति समाज के व्यक्तियों को उनका हक मिलना चाहिए और उन्हें बर्तन बनाने के लिए मिट्टी की खजाने होना चाहिए जिससे कि उनको दूसरे की मिट्टी खरीदकर ना लानी पड़ी उनकी स्वयं की जमीन होना चाहिए तभी  अधिकांश कुम्हार समाज के लोग दुसरे के यहाँ करते है मजदूरी       दीपावली पर कुम्हारो के घर दीप नहीं, जलते है दिल                      समाज के लोग मूर्ति बनाने बाले भी अब पेशा बदलने को हो रहे मजबूर                                       कुम्हार समाज के लोगो का दिये बनाने का काम जोरो पर है समाज के लोग दीपक एवं मिट्टी के बर्तन बनाकर अपना जीवन यापन करते है लेकिन आजकल अभी यहाँ हालत कुछ अलग ही दिखाई पड़ रहा है अधिकांश परिबार मिट्टी के दीप एवं बर्तन बनाना छोड़ चुके है सभी अपने जीवन यापन के लिए अलग अलग काम को साधन बना चुके है एक समय था ज़ब दीपावली के दीपक बनाने के लिए समाज के लोग उत्साहित रहते थे सभी दीपावली का इंतजार बड़ी बेसब्री से करते थे लेकिन अब हालत ऐसे हो गए है कि पूर्बज दयारा सिखाया गया काम को छोड़ना पड़ रहा है डाल रोटी खाना मुश्किल हो गया है मिट्टी के बर्तन कि कीमत भी मिट्टी मे मिलती जा रही है इन कारणों से समाज के लोग बर्तन बनाने से कतराते है पूर्बज जो के दयारा सीखा गया काम अब दुखदाई बन चुका है          मिट्टी की बनी चीजों से लोग हो रहे है दूर                                    सभी चायनीज या पलास्टिक मे उपलब्ध होने के कारण लोग मिट्टी से बने बर्तन कम उपयोग करने लगे है जैसे चाय कुल्हड़ मे पहले लोग चाय पीना पसंद करते थे लेकिन अब उनकी जगह डिस्पोजल या प्लास्टिक ने ले ली है मिट्टी के खिलोने मिट्टी के दिये मिट्टी के बर्तन लोग अब भूलते जा रहे है                                            चायनीज लाइट व झालर बनी आफत                                          दीपावली का बड़ी उत्सुकता से इंतजार करने बाली जाति बढ़ती महगाई और मिट्टी के दीपक की जगह जग मांगने बाली झालर व वाल्व आदि से काफी निराश है ज्ञात हो की हिन्दुओं का सबसे बड़ा त्यौहार दीपावली 7नवंबर को मनाई जाएगी चायनीज वाल्व की तेज चमक ने दीपक की रौशनी को कम कर दिया है जल्द ही दीपक जलाने के प्रति ठोस कदम उठाना पड़ेगा और कुम्हार समाज चीन की बनी बस्तु का विरोध कर रही है                           समाज की मांग                             कुम्हार समाज निर्धन वर्ग से है अतः हमें sc /st मे शामिल किया जाना चाहिए या फिर शाशन दयारा लोन इलेक्ट्रॉनिक चाक मिट्टी खोदने के लिए जमीन आदि उपयोगी सामग्री उपलब्ध करबाना चाहिए अन्यथा ऐसा नहीं हुआ तो दाल रोटी खाने की नौबत बनती जा रही है

इनका कहना है

समाज के लोगो के पास मिट्टी खोदने को जमीन नहीं है और इलेक्ट्रॉनिक चाक उपलब्ध ना पाने के कारण आज समाज बेरोजगार है सरकार का भी किसी प्रकार का सपोर्ट नहीं है इसलिए सभी कुम्हार अपना पैतृक धंधा छोड़ने को मजबूर है आज सभी युबा बर्ग ने रोजगार बदल लिया है   मिट्टी उपलब्ध नहीं होने के कारण सभी बेरोजगार है                           राष्ट्रीय प्रजापति महा संघ मध्यप्रदेश जिला शिवपुरी बदरवास ब्लॉक अध्यक्ष लखन प्रजापति खतौरा संचालक संस्कार स्कूल

आज हमें रोजगार नहीं मिल रहा है और हमारी समाज के लोग पलायन को मजबूर हो गए है और गांव छोड़कर शहरों मे मजदूरी को जाना पड़ रहा है                      नरेन्द्र प्रजापति akajhiri

निश्चित रूप से हमारे पैतृक धंधे मे कमी आने से लोग मजदूरी करने से मजदूर बनते जा रहे है जिससे सिर्फ खाने का गुजारा हो पाता है बच्चो को शिक्षा दिलाना मुश्किल हो गया है आशाराम प्रजापति बदरवास

जिला मीडिया प्रभारी

राष्ट्रीय प्रजापति महासंघ

विनोद कुमार प्रजापति

पत्रकार

9399511719

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